Holi Horror Story 2020
Holi Horror Story 2020
महेश दुमका मे अपने परिवार के साथ रहते थे उनकी एक आठ साल की बेटी भी थी जिसका नाम था चुलबुल । चुलबुल बहुत सररती थी लेकिन इसके साथ साथ वो पढ़ाई भी बहुत अच्छी कर लेती और इसी वजह से उसकी सारी सरारत को बर्दाश्त कर लेते थे। चुलबुल हमेशा उसके पापा से ज़िद करती रहती थी कि वो कही उसे घुमाने ले जाए । लेकिन महेश उसे हमेशा काम का बहाना दिखा कर टाल देते थे जिस वजह से चुलबुल अपने पापा से नाराज़ थी उसकी नाराज़गी को देखते हुए महेश ने उससे वादा किया कि वो उसे होली मे घूमने ले जाएंगे ।

 होली एक त्यौहार है जिससे पूरे भारत मे बड़े धूम धाम से मनाया जाता है । कहते है उन दिनों दुश्मन भी दोस्त बन जाता है । जगह जगह मेले लगते है लोग एक दूसरे को रंग लगा कर अपनी खुसिया एक साथ बांटते हैं ।

इसी तरह दुमका के पास वाले गांव में भी हर साल एक मेला लगता था क्योंकि महेश ने चुलबुल से वादा किया हुआ था इसके मुताबिक वो अपने साथ चुलबुल को भी मेले में घुमाने ले गए । लेकिन वहाँ मेले में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उस भीड़ मैं पता नही चुलबुल कैसे अपने पापा के हाथ से छूट गई और उस भीड़ मैं कही खो गई । महेश पागलो की तरह उसे ढूंढने लगे पर बहुत देर ढूंढने पर भी चुलबुल महेश को नही मिली । ढूंढने में नाकाम होने के बाद महेश पुलिस स्टेशन मैं एक F.I.R दर्ज करवा देते है । चुलबुल की घुमशुद्गी की जांच में पुलिस को भी कुछ खास कामयाबी नही मिली थी इस केस में ।

इस बात को कुछ दिन बीत चुके थे इस घटना को लेकर महेश और उनकी पत्नी सुमोती दोनों बहुत दुखी थे । एक दिन अचानक डोर बेल बाजी महेश ने दरवाजा खोला तो सामने चुलबुल खड़ी थी उसे सामने देख कर महेश और उनकी पत्नी खुस तो बहुत हुए लेकिन उनकी ये खुसी बस कुछ देर के लिए था क्योंकि दोनों ने चुलबुल मैं एक अजीब सी बदलाव नोटिस किया । चुलबुल ना ही कुछ बोल रही थी और ना ही कोई रिएक्शन था उसके चेरे पर इससे पहले की महेश चुलबुल से कुछ पूछते चुलबुल अचानक से पीछे मुड़ी और चलने लगी महेश भी उसके पीछे पीछे चलने लगे ये देखने के लिए आखिर वो जा कहां रही है और इसी तरह वो दोनों जंगली इलाके मे पहुंचे जहाँ पर चुलबुल अचानक कही गायब हो गई ।

महेश उसे इधर उधर ढूंढने लगे तभी उससे उस जगह से थोड़ी दूर एक पुराना घर से दो लोगों को निकलते देखा । उन लोगो के हाथ में एक बच्चे की लाश थी । मामला आखिर क्या है ये देखने के लिए महेश छुपते छुपाते जैसे है उस घर के नजदीक हुए तो उन्होंने देखा उस घर मे कुछ बच्चे और भी थे जिनके हाथ पैर  बंधे हुए थे और वही पास मैं दो लोग उन पर निगरानी कर रहे थे । ये देख कर महेश को ये समझने मे देर नही लगी की ये लोग इन बच्चों को किडनैप कर के लाये थे । तभी उनके साथ कुछ बुरा कर सके ।

महेश ने फौरन पुलिस को फ़ोन कर के इसकी जानकारी दी जिसके बाद पुलिस उस जगह पर पहुँच कर उन लोंगो को गिरफ्तार कर लिए । पूछ ताछ मे उन लोंगो ने बताया कि वो लोग बच्चों को किडनैप कर के उनका ऑर्गन बेच देते है और चुलबुल के साथ भी उन्होंने वही किया था जो वो दुसरो बच्चों के साथ करते थे ।

Post a Comment

Previous Post Next Post